युवराज सिंह के जीवन कहानी: Biography Of Yuvraj Singh In Hindi


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cricket

अगर आप Cricket प्रेमी है तो युवराज सिंह को तो जरुर जानते होंगे, अगर आप Cricket प्रेमी नहीं भी है तब भी आप युवराज सिंह का नाम तथा उन्हें TV, NewsPaper इत्यादि में तो जरुर देखें होंगे. युवराज सिंह एक अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर एक महान Cricketor है इन्होने अपनी Cricket के 19 की Career में India के नाम पर बहुत सारे Match जीते है. यह उस Time पुरे दुनिया में शुर्खियों में गए थे, जब इन्होने ICC World Cup 2007 में England के खिलाप 6 गेंद में 6 छक्के मार दिए the. इतिहास में ऐसा कभी किसी Cricketor ने नहीं किया था, But इन्होंने यह कर दिखाया.

युवराज सिंह अपने 19 Year के Cricket Career में बहुत सारे Record बनाये थें, इसलिए इन्हें India के पूर्व President श्री प्रणव मुखर्जी द्वारा India के सबसे दुसरे बड़े Award अर्जुन पुरस्कार से इन्हें सम्मानित किया गया था तथा 2014 में इन्हें पद्मश्री परुस्कार से भी नवाजा गया था. युवराज सिंह एक बहुत ही मेहनती Cricketor थे, इन्होने अपना जीवन Cricket के नाम कर दिया था.

10 June 2019 को इन्होने Cricket से सन्यास ले लिए थे. इन्होने इसकी घोषणा पहले ही कर चुके थे कि मै बहुत जल्द Cricket से सन्यास लेने वाला हूँ. इनकी यह बात सुनकर सारे Cricket प्रेमी दुखी हो गये थे, क्योंकि इन्हें Cricket का God भी कहा जाता है, इसलिए इनके बिना Cricket Match सुनीसुनी है. अब युवराज सिंह अपने जीवन में कभी भी किसी राष्ट्रीय या अन्तर्राष्ट्रीय Match में हिस्सा नहीं ले सकेगे.

युवराज सिंह का जीवन परिचय नीचे दर्शाया गया है.

Content
About
नाम
युवराज सिंह
निक नाम
युवी
पिता का नाम
योगराज सिंह
माता का नाम
शबनम सिंह
जन्मतिथि
12 December
1981
जन्म स्थान
चंडीगढ़, भारत
धर्म
सिख धर्म
पेशा
भारतीय अन्तर्राष्ट्रीय Cricketor
Batting Style
Left Hand Style
Bolling Style
Slow Left Arm
Authodocts
कद
6 फुट 1 इंच
Cricket Career
End Date
10 June 2019
Life Details Of Yuvraj Singh

युवराज सिंह का जन्म 12 December 1981 को चंडीगढ़ में एक पंजाबी परिवार में हुआ था. यह एक सिख धर्म के मानने वालें परिवार में इनका जन्म हुआ था. इनके पिता का नाम योगराज सिंह है जो कि एक पूर्व भारतीय Cricketor रह चुके है साथ ही यह एक पंजाबी फिल्म निर्माता भी है. इनके माता का नाम शबनम सिंह है तथा भाई का नाम जोरावर सिंह है. इनका बचपन से ही Cricket और टेनिश में रूचि रहा है, यही वजह है कि इन्होंने Cricket के Area में अपना नाम कमाया है.


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Career Of Yuvraj Singh

इन्होने अपने Career की शुरुआत 11 Years के Age में ही कर दिए थें. इन्होने इसी Age में कई प्रदेश के Team के साथ Cricket Match खेला. यह अपने Life में कोशिश और मेहनत करते गए और आगे बढ़ते गए. साल 2000 में इन्होने National Lavel पर Cricket खेलने के लिए Qualifie हो गए थे. 2000 में अंडर 19S में इन्होने जीत हासिल की. जिससे उस समय इनको “Player Of This Tournament Award” Award से नवाजा गया. इनकी Life इसी तरह चलती गई और यह और मेहनत करके कई Awards अपने नाम किए.

Fact Of Yuvraj Singh

युवराज
के फैन्स उन्हें युवी के नाम से पुकारते है. उनको प्रिंस ऑफ़ इंडियन क्रिकेट भी कहा जाता है क्योकि उनके नाम का मतलब प्रिंस होता है.

नेटवेस्ट का फाइनल युवराज के करियर का एतिहासिक समय रहा क्योकि किसी ने सोचा नही था की भारत इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स मैदान में 326 रनों
के लक्ष्य का पीछा सफलता से कर पाएंगे. भारत की स्थिति नाजुक थी क्योकि 24 ओवरों में ही 146 पर
5 विकेट गिर चुके थे, फिर क्रीज़ पर मो. कैफ,
युवराज का साथ देने आए और दोनों ने मिल कर 121 रन
बनाए. इस मैच में युवराज में क्रीज पर डटे रहते हुए 60
गेंदों में 69 रन की शानदार पारी खेली थी और उन्ही की बदौलत भारत वह मैच 2 विकेट से जीता था.

चेन्नई,
2008
में इंग्लैंड को पहला टेस्ट हराने के लिये युवराज ने नाबाद
85
रन बनाए थे और सचिन के साथ 163
रनों की पार्टनरशिप की थी. यह भारत का सबसे बड़ा रन चेस था. यह पारी युवराज की सबसे पसंदीदा टेस्ट परियो में से एक है.

युवराज
ने स्टुअर्ट ब्रॉड को 6 गेंद पर 6
छक्के मारे थे जोकि उनकी सबसे बड़ी सफलता में से एक है. इससे पहले यह सीनियर क्रिकेट में 3 बार हो चूका था. लेकिन पहली बार टी20
में और पहली बार ही अंतराष्ट्रीय
क्रिकेट में हुआ था.


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युवराज
को बचपन से ही टेनिस और रोलर स्केटिंग खेलना पसंद है और युवराज इन खेलो में बहुत अच्छे भी थे और तो उन्होंने रोलर स्केटिंग की अंडर 14
वर्ल्ड चैंपियनशिप भी जीती है. पर उनके पिता ने उनका जीता हुआ मेडल को फेंक सिर्फ क्रिकेट पर ध्यान देने के लिए काहा था.

इस
वर्ल्ड कप में क्वालीफाई करने के लिये भारत को अपनी जगह बनानी थी. युवराज ने पहली मैच में बांग्लादेश के खिलाफ 47
रन बनाये लेकिन भारत वह मैच हार गया था. अगले मैच में बरमूडा के खिलाफ युवराज ने 46
गेंद में 83 रन बनाये जिससे भारत ने 413 पर
5 विकेट का विशाल स्कोर खड़ा किया था.

युवराज
के पिता का,
युवराज की बल्लेबाजी सुधारने में बहुत बड़ा हाथ था. उनके पिता युवराज को गीली टेनिस गेंद से उन्हें नेट्स में बल्लेबाजी सिखाते थे ताकि युवराज गेंद को सही समय पर मार सके. उनके पिता उसने रोज अभ्यास कराते थे. जब युवराज छोटे थे तब वो ELF
वेंगसरकर क्रिकेट अकादमी क्रिकेट सिखने जाते थे.

तीनो
कप में भाग लेने वाले युवराज ऐसे पहले खिलाडी बने थे. ICC
अंडर 19 वर्ल्ड कप 2000 में, टी20
वर्ल्ड कप 2007 में और वर्ल्ड कप 2011 में. भारत इन तीनों वर्ल्ड कप को जीता था और युवराज का तीनो कप जितने में अहम योगदान था. 2011 के वर्ल्ड कप में युवराज मैन ऑफ़ दी सीरीज रहे और 2011 के वर्ल्ड कप में वे 4 बार मैन ऑफ़ दी मैच भी रहे

युवराज ने अपनी सबसे लंबी पारी अंडर 19 की टीम में बिहार के विरुद्ध कोच बहार ट्राफी में खेलकर 358 रन बनाए थे. फिर युवराज ने 1999 से 2000 में हरियाणा के खिलाफ रणजी ट्राफी में 149 रन बनाए.

कैंसर से लढने के बाद युवी ने अपना NGO खोला, You We Can जहा अब तक 100 से ज्यादा कैंसर के मरीजो का इलाज हो चूका है.

युवराज हमेशा बॉलीवुड अभिनेत्रीयो के साथ दिखे है. वो भारतीय टीम के पोस्टर बॉय थे. युवी दीपिका पादुकोण के साथ भी थे. उन्होंने किम शर्मा को भी डेट किया. हाल ही में 12 नवम्बर 2015 को उन्होंने हजेल कीच को डेट किया और अभी फेब्रुवारी 2016 में उन्होंने हजेल से सगाई की.

बचपन में युवराज ने बाल कलाकार के रूप में पंजाबी फिल्मो में काम किया है. बॉलीवुड की एनिमेटेड फिल्म जंबो में युवराज की आवाज ली गयी गई.

Yuvraj
Singh
ने अपनी ऑटोबायोग्राफी लिखी है और उसको नाम दिया माय लाइफ : फ्रॉम क्रिकेटर टू कैंसर एंड बैक”.

2012
में युवराज राष्ट्रपति द्वारा अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किये गए. 2014 में युवराज को पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया. उसी वर्ष उन्हें FICCI मोस्ट इन्सपिरिंग स्पोर्टमैन अवार्ड से सम्मानित किया गया था.


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2011
में युवराज को बाँए फेफड़े में कैंसर का ट्यूमर हो गया तो वे कीमोथेरेपी (Chemotherapy) के लिए बोस्टन (Boston) और इंडिआनापलिस (Indianapolis) गए. मार्च 2012 में युवराज की 3 कीमोथेरेपी की साइकिल ख़त्म हुई और उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिली और अप्रैल में वे भारत वापिस आए.


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2014
के IPL में RCB ने युवराज को 14 करोड़ में ख़रीदा था. फिर 2015 में युवराज को 16 करोड़ में ख़रीदा फिर 2016 की आईपीएल नीलामी के वे सबसे महंगे खिलाडी बने.

युवराज सिंह को इंडियन प्रीमियर लीग 2019 की नीलामी में मुंबई इंडियंस ने 1 करोड़ की कीमत चुकाकर अपनी टीम शामिल किया है। आपको बता दे कि भारतीय ऑलराउंडर युवराज सिंह का बेस प्राइस 2 करोड़ था, लेकिन बोली में किसी भी टीम ने उन्हें खरीदने में दिलचस्पी नहीं दिखाई थी, लेकिन बाद में उनका प्राइस 1 करोड़ किया गया और मुंबई इंडियंस कि टीम ने उन्हे 1 करोड़ की कीमत पर खरीद लिया।

Yuvraj
Singh
पहले ऐसे आल राउंडर है जिन्होंने एक ही वर्ल्ड कप में 300 से ज्यादा रन बनाए और 15 विकेट भी ली. टी20 में 100 से ज्यादा छक्के मारने वाले वे पहले भारतीय बने थे.

इंग्लैंड के खिलाफ इस वर्ल्डकप में उन्होंने 20 ओवरों के मैच में महज 12 गेंदों में अर्द्धशतक बना डाला था, जो की सब तक का सबसे तेज़ अर्धशतक है. सेमीफाइनल मैच में औस्ट्रीलिया के खिलाफ उन्होंने 30 गेंदों में 70 रन बनाए थे. युवराज ने उस टूर्नामेंट में सबसे बड़ा छक्का भी मारा था जो 119 मीटर का था.

सचिन के बाद युवराज दुसरे भारतीय थे जिन्होंने काउंटी टीम यॉर्कशायर में भारत का प्रतिनिधित्व किया था.

युवराज का सीजन अच्छीं पारियों से शुरू हुआ था उस टी20 में युवराज ने 37 गेंदों में 71 रन,
लीस्टरशायर (Leicestershire) के खिलाफ बनाए थे. उसमे ही कैफ और सहवाग भारतीय थे जिन्होंने टी20 खेला था.

Cricket के अलावा युवराज सिंह का व्यक्तिगत जीवन

युवराज सिंह ने अब तक कई TV Ads किए है, जिसमे ये ब्रांड एम्बेस्टर भी रहे है. यह Cricket के दुनिया के अलावा व्यक्तिगत जीवन में भी शुमार है. इनकी हर Style इनके Fan को पसंद आती है. युवराज सिंह का 2015 में एक Bollywood
Actress 
हेजल किच के साथ साथ फेरों के रश्म में बांध गए थे. कहा जा रहा है कि इनकी Life खुशहाल चल रही है. दोनों Partner एक दूजे के साथ खुश है.

Last Word


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आपने अभी तक युवराज सिंह का जीवन परिचय पढ़ा तथा आपको इस Article को पढ़कर कर बहुत कुछ आपको सीखने को मिले होंगे हमारी यह आशा और विश्वास दोनों है. आपको यह Article कैसी लगी, हमे Comment में जरुर बताये. इस Article में कुछ गलत लिखा गया होगा तो आप हमे Comment में जरुर बताये, ताकि इसे हम सुधार सके और आगे आने वालें Readers को इसकी परेशानी झेलनी नहीं पड़े.

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