इस आर्टिकल में हम आपको बताने वालें है कि भविष्य में आने वाली पीढ़ियों को क्या चीज का सामना करना पड़ेगा. यह प्रश्न काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि हम सब ही अपने आने वाली पीढ़ी का जीवन रीतिकाल तय करते है कि क्या किया जाये कि उनके लिए सही होगा. दुनिया का जितना अधिक आबादी बढ़ेगा उतना ही अधिक इस दुनिया में समस्या बनकर उभरेगी.

हर किसी को इस बारें में जानने की आवश्यकता है कि आने वाली पीढ़ी को इन सब चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा. हमनें काफी रिसर्च करके इस आर्टिकल को लिखने का सोचा है जिसे हर कोई इसे समझ सकें. यकीनन अगर हम सब प्रकृतिक के साथ खिलवार करेगें तो प्राकृतिक किसी को छोड़ने वाली नही है.

Future Generation Life Challenge in Hindi (आने वाली पीढ़ियों को क्या चीज का सामना करना पड़ेगा)

कृत्रिम बुद्धिमता एक तरह से मानिये तो कृत्रिम बुद्धिमता की क्रांति होगी भविष्य में. यह अभी हो रहा है बहुत से काम जो हम करते हैं, वो सब काम रोबोट कर सकते हैं. वैसे तो बहुत से रिपोर्ट हैं इसपर लेकिन हाल ही के रिपोर्ट के मुताबिक आधा से अधिक नौकरी अगले 10 सालों में मशीन करेंगीं





आने वाली पीढ़ी की लिए अपना कैरियर ध्यान से चुनना पड़ेगा कि ऐसी कौन सी चीज सीखें जो रोबोट न करने लगें. अगर विश्वास नहीं तो एक नजर इस चार्ट पर डालिये. भारत में भी बहुत से काम मशीन करेंगीं. अमेरिका में आधे से ज्यादा नौकरी मशीन करेंगीं.

पर्यावरण हमने ग्लोबल वार्मिंग पर बहुत से उत्तर लिखे हैं तो हम उसको दोहराएंगे नहीं लेकिन सब लोग आज मानने लगे हैं कि ग्लोबल वार्मिंग की वजह से कभी सूखा तो कभी बाढ़ आ रही है. हमको गुस्सा इस बात का आता है कि आज भी ऐसे लोग हैं जो कि ग्लोबल वार्मिंग को नहीं मानते. नासा का डाटा साफ़ है नीचे. इसकी वजह से बहुत से शहर पानी में डूब जायेंगें.





साधन और सामग्री की कमी हम लोग पृथ्वी पर जो भी है उसको बहुत ही तेजी से नष्ट कर रहे हैं. आने वाली पीढ़ी को पीने के पानी से लेकर खाना और हर चीज जो हम उपयोग करते हैं उसकी कमी पड़ेगी. इसके अलावा बहुत से पदार्थों की भी कमी होगी. सब आप इस चार्ट में देख सकते हैं कि कितने साल तक चलेगा. हमको यह चार्ट भयभीत कर देता है.





बढती उम्र वाली आबादी आज लोगों की औसत उम्र आज से 50 साल की तुलना में बहुत अधिक है. यह भविष्य में और बढ़ेगी. हम जनसँख्या की बात नहीं कर रहे बल्कि रिटायर होने वालों की बात कर रहे हैं. जापान इसका जीता जागता उदाहरण है. कमाने वाले युवक कम बचेंगें और जिनकी देख भाल करनी है ऐसे वृद्ध लोग ज्यादा। जापान की आज यही समस्या है.

देशों के बीच तनाव और लड़ाई  जी हाँ, यह शुरू हो चुका है. जैसे जैसे समस्याएं बढ़ेंगीं, देश एक दूसरे से लड़ने के लिए भी तैयार रहेंगें. लड़ाई का मतलब सिर्फ गोलाबारी नहीं बल्कि ट्रेड वॉर भी हो सकता है.





अंतिम शब्द

इस आर्टिकल में आपने आने वाली पीढ़ियों को क्या चीज का सामना करना पड़ेगा के बारें में पढ़ा. यह आर्टिकल मेरे सभी आर्टिकल से कम शब्द का है लेकिन यह सबसे महत्वपूर्ण टॉपिक भी है. हम सभी को अब सोच समझ कर कुछ नई कदम बढ़ाना पड़ेगा, जिससे हमारी आने वाली पीढ़ी इन सभी चीजे से बच सकें. इस आर्टिकल को सोशल मीडिया पर शेयर जरुर करें. शुरू से अंत तक इस आर्टिकल को पढ़ने के लिए आप सभी का तहेदिल से शुक्रिया...


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Writer: Rohit Kumar

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