संविधान निर्माण में महिलाओं का योगदान (Contribution of Women in Constitution Making in Hindi) आपमें ज्यादातर लोगों को यह बात जरुर पता होगी कि भारतीय संविधान के निर्माता डॉ. भीमराव अम्बेडकर है, लेकिन आपको शायद ही पता होगा कि संविधान के निर्माण में 15 महिला सेनानियों का भी योगदान रहा है. इन सभी महिला ने भारत के संविधान बनने में डॉ. भीवराम अम्बेडकर का साथ दी थी. यही कारण है कि हमारे संविधान में महिला और पुरुष को सामान अधिकार प्राप्त है.







इस आर्टिकल में हम आपको 15 ऐसे महिला के बारें में बताने वालें है, जो भारत के संविधान निर्माण में अपना योगदान दी थी. संविधान निर्माण में सभी का योगदान, भारत के संविधान निर्माण में महिला का योगदान, कौन-कौन भारत संविधान निर्माण में योगदान दिए thथे, भारत के संविधान के बारें में. अगर आप भी भारत के संविधान निर्माण के बारें में पूरी जानकारी जानना चाहते है तो यह आर्टिकल आपके लिए खास होगा.  

भारत के संविधान निर्माण में सभी 15 महिला का योगदान







अम्मू का जन्म केरल पालाघाट जिले में हुआ था. उन्होंने 1917 में मद्रास में एनी बेसेंट सहित कई महिलाओं के साथ मिलकर एक वुमेन इंडिया एसोसिएशन का निर्माण की थी. 24 नवम्बर 1949 को भारत के संविधान के बारें में अपनी बात रखते हुए, उन्होंने कहा था कि अब तक भारत के बारें में दुनिया वालों का कहना है कि भारत में महिलओं को बराबरी का अधिकार प्राप्त नहीं है, लेकिन अब हम कह सकते है कि भारतीय महिलाओं ने अपना संविधान खुद बनाया है.







दक्षयानी वेल्याधन कुचले वर्ग की आवजा रही है. उनका जन्म 1912 में कोचीन के बोलगट्टी में हुआ था. वह पुलाया समुदाय से आती थी. वह अपने समुदाय की पहली ऐसी महिला थी, जो पढ़ी-लिखी थी और आधुनिक कपड़े पहना करती थी. वह पहली और अकेली महिला थी, जो वर्ष 1946 में संविधान सभा के लिए चुनी गई थी.



ऐजाज का जन्म संपन्न परिवार में हुआ था. वह आजाद भारत के संविधान सभा में शामिल होने वाली पहली भारतीय मुस्लिम महिला थी.. वर्ष 1935 में ऐजाज दंपति ने पहले मुस्लिम लीग ज्वाइन की थी, लेकिन भारत आजाद होने के बाद दोनों ने ही भारतीय राजनीती पार्टी कांग्रेस को ज्वाइन कर लिया. भारत के संविधान के निर्माण के समय ऐजाज ने कई मुद्दों अपनी बात बाबा साहब अम्बेडकर को बताई थी, जिसे भारत के संविधान में शामिल भी किया गया है.



दुर्गाबाई का जन्म 1909 में हुआ था. महज 12 वर्ष के ही उम्र में उन्होंने नॉन-को ऑपरेशन मूवमेंट में भाग ली थी, साथ ही उन्होंने वर्ष 1930 में महात्मा गाँधी के साथ नमक सत्याग्रह में भी भाग ली थी. वर्ष 1936 में उन्होंने आंध्र महिला सभा का निर्माण की थी.



वर्ष 1857 में जन्मी हंसा मेहता बड़ौदा के एक प्रतिष्ठित परिवार में जन्मी थी. इन्होने इंग्लैंड से पत्रकारिता और समाजशास्त्र की पढाई की. वह देश की जानी-मानी शिक्षाविद लेखिका मानी जाती है. इन्होने बच्चों के लिए गुजराती में कई किताबें भी लिखी थी. हंसा मेहता ने ऑल इंडिया वुमेन कॉन्फ्रेंस के अपने अड्रेस में महिला के अधिकारों की बात की थी.






भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस इलाहाबाद में सचिव बनी और महिलाओं से जुड़ी कई मुद्दों पर अपनी आवाज़ बुलंद की थी. वर्ष 1930-40 के दशक में भारत की आज़ादी में हिस्सा बनी थी. अंग्रेजो भारत छोड़ो आन्दोलन के कारण यह जेल भी गई थी.


लखनऊ के एक प्रतिष्ठित परिवार में जन्मी कमला चौधरी को अपनी पढ़ाई-लिखाई के चलते बहुत स्ट्रगल करना पड़ा था. इन्होने क्रांति घर से ही शुरू की थी और 1930 में ही गांधीजी से जुडी. महिलाओं के अधिकार पर कमला चौधरी अपनी बात खुलकर रखती थी.







सरोजिनी नायडू का जन्म हैदराबाद में 13 फरवरी 1879 को हुआ था. यह पहली भारतीय महिला है, जो भारतीय नेशनल कांग्रेस की अध्यक्ष बनी थी. सरोजिनी नायडू उन महिलाओं में शामिल है, जो भारत की आज़ादी दिलवाने में कड़ी मेहनत किए थें. इनको लोग भारत कोकिला के नाम से भी जानते है. स्वतंत्रता सेनानी, कवयित्री और देश की पहली महिला गवर्नर सरोजिनी नायडू बचपन से ही अपने हुनर का परिचय दे दी थी.



लीला रॉय का जन्म असम में हुआ था. इनके पिता डीप्टी मजिस्ट्रेट थें. यह महिला अधिकारों के लिए शुरू से ही आवाज़ बुलंद कर रही थी. गांधीजी के साथ कई आन्दोलन में जुड़ने के बाद उन्होंने 1937 में कांग्रेस पार्टी ज्वाइन की थी. लीला रॉय सुभाषचंद्र बोस की महिला सब कॉमिनिटी की भी सदस्य रही थी, जब 1940 को सुभाषचंद्र को जेल में बंद कर दिया गया था, तह वह फॉरवर्ड ब्लॉक वीकली की संपादक भी बनी. संविधान निर्माण में इनके महत्त्व को भुलाया नहीं जा सकता है.



पूर्वी बंगाल के एक प्रतिष्ठित परिवार में जन्मी मालती चौधरी का जन्म 1904 में हुआ था. 16 वर्ष की आयु में इन्होने शांति निकेतन गई थी. इनकी शादी नवकृष्णा चौधरी से हुई थी, जो बाद में उड़ीसा के मुख्यमंत्री भी रहे थें. मालती चौधरी गांधीजी के सत्याग्रह अन्दोलन सही कई और अन्दोलन से भी जुडी हुई थी. कमजोर समुदाय के विकास के लिए इन्होंने आवाज़ बुलंद की थी.







लखनऊ में पैदा हुई राजकुमारी अमृत कौर भारत की पहली स्वाथ्य महिला रही थी. यह इस पद पर 10 वर्ष तक रही थी. राजकुमारी अमृत कौर कपूरथला महाराजा के बेटे हरनाम सिंह की बेटी थी. इनकी पढ़ाई-लिखाई इंग्लैंड में ही हुई थी. वह सब कुछ छोड़कर 16 वर्ष तक गांधीजी की सेकेट्री रही थी. एम्स की स्थापना में इनकी अहम् भूमिका रही थी. भारत के संविधान निर्माण के दौरान इन्होने स्वाथ्य सेक्टर से जुडी अहम सुझावों पर बात की थी.



रेणुका रॉय की भी पढ़ाई-लिखाई लन्दन में ही हुई थी. इन्होने अपनी बीए तक की पढ़ाई लन्दन स्कूल ऑफ़ इकोनोमिक्स से की. यह आईसीएस अधिकारी सतीशचन्द्र मुखर्जी की बेटी थी. इन्होने 1934 में लीगल डिसेबिलिटी ऑफ़ वुमेन इन इंडिया का गठन की थी. उन्होंने महिला के अधिकारों के लिए कई लड़ियाँ भी लड़ी और भारत के संविधान निर्माण के दौरान कई महिलाओं की बात रखने में अहम योगदान दी थी.







सुचेता कृपलानी उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री भी रही थी. महिला संगठनो का नेतृव करते-करते इनको राजनीती में भी दिलचस्पी होने लग गई थी. वर्ष 1940 में इन्होने ऑल इंडिया महिला कांग्रेस का गठन किया. 1942 में भारत छोड़ो अन्दोलन में इन्होने बढ़-चढ़ कर हिस्सा ली थी.

14. एनी मसकैरिनी



एनी मसकैरिनी का जन्म केरल राज्य में हुआ था. वह क्तावनकोर राज्य कांग्रेस में शामिल होने वाली पहली महिला में से एक थी और कांग्रेस कार्यकारिणी का हिस्सा बनने वाली पहली महिला बनी थी. 



विजयलक्ष्मी पंडित जवाहरलाल नेहरू की बहन थी. इन्होने अपनी पढ़ाई इलाहाबाद से शुरू की. बाद में स्वतंत्रता संग्राम लड़ी. 1953 में यूएन जनरल असेम्बली की प्रेसिडेंट भी रही थी.    





आखरी शब्द


आपने इस आर्टिकल में भारत के संविधान निर्माण में अपना योगदान, संविधान निर्माण में सभी का योगदान, भारत के संविधान निर्माण में महिला का योगदान, कौन-कौन भारत संविधान निर्माण में योगदान दिए thथे, भारत के संविधान के बारें में, भारत के संविधान निर्माण के बारें में पूरी जानकारी के बारें में जाना. आशा करता हूँ आपको भारत के संविधान निर्माण में महिला का योगदान वाली जानकारी पसंद आई होगी. इसे शेयर करना नहीं भूले. शुरू से अंत तक इस आर्टिकल को पढने के लिए आप सभी का तहेदिल से शुक्रिया... 

Thanks to Reading This Post        


Writer: Rohit Kumar

Rohit is An Indian Blogger And Web Designer. It Helps People By Sharing Very Important Content Everyday On This Website. Please Help to Make This Website Popular. Read More


Let's Get Connected: Twitter | Facebook | WhatsApp | Instagram |

Post a Comment

If there is any kind of question in this post, then tell it through the comment, we will be happy to answer all your questions.

Previous Post Next Post