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16 अगस्त 2018

Full Details And Inspirational Things About Atal Bihari Vajpayee? in Hindi



Atal Bihari Vajapeyee Details


नाम
अटल बिहारी वाजपेयी
जन्म
25 December 1924
स्थान
ग्वालिअर, ब्रिटिश भारत
देश
भारत
पिता का नाम
कृष्णा बिहारी वाजपेयी
माता का नाम
कृष्णा देवी
राष्ट्रीयता
भारतीय
धर्म
हिन्दू धर्म
भूमिका
राजनीति, कवि, लेखक इत्यादि
राजनीतिक दल
भारतीय जनता पार्टी
पद
प्रधानमंत्री, सांसद, विदेश मंत्री इत्यादि
प्रधानमंत्री पदों की संख्या
3 बार
राजनीति से संयाश
अस्वास्थ होने के कारण
मृत्यु
16 August 2018
मृत्यु कारण
अस्वास्थ होने के कारण
समय
शाम 5 बजकर 5 मिनट में
स्थान
दिल्ली एम्स
जीवन अवधि
लगभग 94 साल


अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 December 1924 को ग्वालिअर में हुआ था. उनके पिता का नाम कृष्णा बिहारी वाजपेयी And माता का नाम कृष्णा देवी था. पेशे से अटल बिहारी वाजपेयी के पिता एक School Master थें जो बच्चों को शिक्षा प्रदान करते थे.

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आपको बता दें, India के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने शादी नहीं किये है But उन्होंने नमिता नाम की एक अनाथ लड़की को गोद लिए हुए है जिनको वो अपनी बेटी के सामान मानते है. नमिता को Indian Music And Dance बहुत ही पसंद है और वो अपनी Nature की बहुत ही अच्छी है.


अटल बिहारी वाजपेयी Indian Political की वैसे व्यक्ति में शामिल है जिन्होंने खुद को Politics में एक चमकता सितारा के रूप में बनाये है जिन्होंने इसमें अपना मुख्य योगदान दिए है.


अटल बिहारी वाजपेयी अपनी जीवन काल में तीन बार प्रधानमंत्री के पद पर रहें. जिसमें उन्होंने भारत को विकास के मार्ग पर लाने में हर संभव प्रयास किये थे. यह एक राजनीतिकज्ञ होने के साथ-साथ कवि, लेखक की भी भूमिका निभाएं थे. इन्होने देश को अपना घर जैसा समझते थे. इनकी खासियत बहुत ही चीजो से की जा सकती है.

प्रधानमंत्री पद कब से
प्रधानमंत्री पद कब तक
16 May 1996
31 May 1996
1998
1999
13 October 1990
May 2004


India के एक ऐसा एकलौता बेटा जो राजनीतिक में रहते हुए भी अपने जीवन काल में बहुत अच्छे काम किये थें. इनका विपक्षी राजनीतिक Party भी इनके विचार की सराहना करते है हम सभी को ऐसे व्यक्ति भारतीय होने पर गौरवान्वित महसूस करवाती है. इनके बारें में जितना शब्द लिखा जाएँ, वह भी कम पर जायेंगें.


Atal Bihari Vajpayee Awards


Time
Awards
1992
पद्म भूषण
1993
Direct In Litrechor, कानपूर University
1994
लोकमान्य तिलक पुरस्कार
1994
Best संसद व्यक्ति का पुरस्कार
1994
भारत रत्न पंडित गोविन्द वल्लभ पन्त अवार्ड
2015
भारत रत्न
2015
Librashion For Award


इस Post में हम आपको पूर्व Prime Minister अटल बिहारी वाजपेयी ने बहुत अपने जीवन कल में बहुत ही अनमोल विचार लिखे है उसमें से मुख्य अनमोल बातों को आप सभी के साथ Share करने जा रहे है.

Inspirations Thinks Atal Bihari Vajpayee


  ü  मेरी कवितायेँ मतलब शुद्ध की घोषणा करने जैसी है, जिसमें हारने का कोई डर नहीं हो. मेरी कवितायेँ में सैनिक की हार नहीं बल्कि जीत की चाह होगी. मेरी कवितायेँ में डर की आवाज नहीं बल्कि जीत की गूंज होगी.

ü  आप मित्र बदल सकते है पड़ोसी नहीं

ü  हम उम्मीद करते है कि विश्व प्रबुद्ध स्वार्थ की भावना से काम करेगा.

ü  जो लोग पूछते है कि हम कब पाकिस्तान से वार्ता करेंगें, वे शायद ये नहीं जानते है कि पिछले सालों में पाकिस्तान से बातचीत करने की प्रयत्न भारत की तरफ से ही आयें है.

ü  अमावस के अभेद अहंकार का अंत करण पूर्णिमा की उज्ज्वलता का स्मरण कर थर्रा उढ़ता है.

ü  राज्य को व्यक्तिगत सम्पत्ति को जब चाहे तब जप्त कर लेने का अधिकार देना एक खतरनाक चीज है.

ü  जीवन के फुल को पूर्ण ताकत से खिलाएं

ü  कोई इस बात से इंकार नहीं कर सकता है कि देश मूल्यों के संकट में फंसा है.

ü  इस देश में पुरुषार्थी नवजवानों की कमी नहीं है, लेकिन उनमें से कोई कार बनाने की कारखाना नहीं खोल सकता है, क्योंकि किसी के प्रधानमंत्री के घर में जन्म लेने का सौभाग्य नहीं प्राप्त है


ü  इतिहास में हुई भूल के लिए आज किसी से बदला लेने का समय नहीं है, लेकिन उस भूल को ठीक करने का सवाल है.




ü  इस देश में कभी भी मजहब के आधार पर मत-भिन्नता के उग्धार पर उत्पीड़न की बात नहीं उठी, न उठेगी और और नहीं उठनी चाहिय

ü  भारत इतना छोटा देश नहीं है कि कोई उसको जेब में रख लें और वह उसका पिछलग्गू हो जाएँ, हम अपनी आजादी के लिए लड़े दुनिया की आजादी के लिए लड़े

ü  कश्मीर से लेकर कन्या कुमारी तक फैला हुआ यह भारत एक राष्ट्र है, अनेक राष्ट्रीयताओं का समूह नहीं है.

ü  मैं चाहता हूँ भारत एक महान राष्ट्र बने, शक्तिशाली बने, संसार के राष्ट्रों में प्रथम पंक्ति में आयें.

ü  देश एक रहेगा तो किसी एक Party की वजह से नहीं रहेगा, किसी एक व्यक्ति की वजह से नहीं रहेगा, किसी एक परिवार की वजह से नहीं रहेगा. देश एक रहेगा तो देश की जनता की देशभक्ति की वजह से रहेगा.

ü  देश एक मंदिर है, हम पुजारी है. राष्ट्रदेव की पूजा में हमें अपने को समर्पित कर देना चाहिए.

ü  हमें हिन्दू कहलाने में खुद को गर्व महसूस करना चाहिए, बशर्ते कि हम भारतीय होने में भी आत्मगौरव महसूस करें.

ü  इन्सान बनों, केवल नाम से नहीं, रूप से नहीं, शक्ल से नहीं, हिरदय से, बुद्धि से, सरकार से, ज्ञान से.

ü  मुझे शिक्षकों का मन-सम्मान करने में गर्व अनुभूति होती है. अध्यापकों को शासन प्रोत्साहन मिलना चाहिये. प्राचीनकाल में अध्यापक का बहुत सम्मान था, आज तो अध्यापक पिस रहा है.

ü  शिक्षा का माध्यम मातृभाषा में होनी चाहिय. ऊँची से ऊँची शिक्षा मातृभाषा के माध्यम से दिया जाना चाहिए.




ü  भारत में जितनी भी भाषाएँ है, वे हमारी भाषाएँ है, वे हमारी अपनी है, उनमें हमारी आत्मा का प्रतिबिम्ब है, वे हमारी आत्माभिव्यक्ति का साधन है. इनमें कोई कोई छोटी-बड़ी नहीं है.

ü  राष्ट्र की सच्ची एकता तब पैदा होगी, जब भारतीय भाषा अपना स्थान ग्रहण करेंगी.

ü  अंग्रेजी केवल हिंदी की दुश्मन नहीं है, अंग्रेजी हर एक भारतीय भाषा के विकास के मार्ग में हमारी संस्कृती की उन्नति के मार्ग में रोड़ा है. जो अंग्रेजी के माध्यम से राष्ट्रीय एकता की रक्षा करना चाहते है वे राष्ट्र की एकता का बात नहीं समझते है.

ü  हमारा लोकतंत्र संसार का सबसे बड़ा लोकतंत्र है. लोकतंत्र की परम्परा हमारे यहाँ बड़ी प्राचीन है. 40 साल के ऊपर का मेरा संसद का अनुभव कभी-कभी हमें बहुत ही पीड़ित कर देता है. हम किधर जा रहें है.
ü  मेरा कहना है सबके साथ दोस्ती करें, लेकिन राष्ट्र की शक्ति पर विश्वास रखें. राष्ट्र की हित इसी में है कि हम आर्थिक दृष्टि से सबल हो, सैन्य दृष्टि से स्वावलंबी हों.

ü  खेती भारत का बुनियादी उद्योग है.



ü  कृषि विकास का एक चिंताजनक पहलु यह है कि पैदावार बढ़ते ही दामों में गिरावट आ जाती है.

ü  एटम बम का जवाब क्या है? एटम बम का जवाब एटम बम ही है और कोई जवाब नहीं है.

ü  अगर परमात्मा भी आ जाएँ और कहें कि छुआ-छूत मानों, तो मैं ऐसे परमात्मा को मानने को भी तैयार नहीं हूँ किन्तु परमात्मा ऐसा कह ही नहीं सकते.

ü  मनुष्य-मनुष्य के बिच में भेदभाव का व्यवहार चल रहा है. इस समस्या को हल करने के लिए हमें एक राष्ट्रीय अभियान कि आवश्यकता है.

ü  सूरज एक सत्य है जिसे झुठलाया नहीं जा सकता, मगर ओस भी तो एक सच्चाई है. यह बात अलग है कि क्षणिक है.

ü  जलना होगा, गलना होगा. कदम मिला कर चलना होगा.
ü  मैं अटल हूँ, बिहारी भी हूँ.

ü  पड़ोसी कहते है एक हाथ से ताली नही बजती, हम कहा चुटकी तो बज सकती है.

ü  पृथ्वी पर मनुष्य ही एक ऐसा प्राणी है जो भीड़ में अकेला और अकेले में भीड़ से घेरे होने का अनुभव करता है.

ü  पेड़ के ऊपर चढ़ा आदमी, ऊँचा दिखाई देता है. जड़ में खड़ा आदमी, नीचा दिखाई देता है. न आदमी ऊँचा होता है, न नीचा होता है, न बड़ा होता है, न छोटा होता है. आदमी सिर्फ आदमी होता है.किसी संत कवि ने कहा है कि मनुष्य के ऊपर कोई नहीं होता, मुझे लगता है कि मनुष्य के ऊपर उसका मन होता है.

ü  टूट सकते है मगर किसी के सामने झुक नहीं सकते.

ü  छोटे मन से कोई बड़ा नहीं होता, टूटे मन से कोई खड़ा नहीं होता है.

ü  भगववान जो कुछ भी करते है वो भलाई के लिए ही करते है.


Final Word   


पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का यह अनमोल और प्रेरणादायक बातें जो हम सभी को ज्ञान प्राप्त करवाती है और हमें ऐसा शिक्षा देती है जो अपने जीवन पथ में सहयोग करने के लिए इक्षुक करती है.


अटल बिहारी वाजपेयी की अस्वास्थ्य होने के कारण वो दिल्ली Aiims में Admid थें, मैं News देख रहा था, सोचा इनके बारें में कुछ लिखू और मैं लिख रहा ही रहा था तब ही Media News के अनुसार पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का निधन शाम 5 बजकर 5 Minute में हो गयी थी. फिर हमने इस Article को फिर से Edit करके उनके बारें में बताया.


हम सभी अटल बिहारी वाजपेयी की निधन पर भगवान से प्रार्थना करते है कि उनकी आत्मा को शांति दें.

जय हिन्द जय भारत


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